Tuesday, October 30, 2018

राज्य सरकारें तय करेंगी कौन से 2 घंटे पटाखे फोड़ सकेंगे लोग: सुप्रीम कोर्ट

राज्य सरकारें तय करेंगी कौन से 2 घंटे पटाखे फोड़ सकेंगे लोग: सुप्रीम कोर्ट


मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें अपने हिसाब से पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय तय कर सकती है. पिछली सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने शाम आठ से रात 10 बजे तक पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित किया था, लेकिन अब राज्य सरकारें अपने हिसाब से तय करेगी कि वह कौन से दो घंटे निर्धारित करना चाहती है. 



नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए रात आठ बजे से 10 बजे तक का समय तय करने संबंधी अपने आदेश में बदलाव किया है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें अपने हिसाब से पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय तय कर सकती है. पिछली सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने शाम आठ से रात 10 बजे तक पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित किया था, लेकिन अब राज्य सरकारें अपने हिसाब से तय करेगी कि वह कौन से दो घंटे निर्धारित करना चाहती है. कोर्ट ने कहा कि अगर सुबह-शाम दोनों समय पटाखे की परंपरा है, तो दोनों वक्त 1-1 घंटा दिया जा सकता है. ग्रीन पटाखे जलाने की शर्त केवल 
दिल्ली-NCR में लागू होंगे. देश के बाकी हिस्सों में सामान्य पटाखे फोड़े जा सकेंगे.
इससे पहले 23 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली और दूसरे त्योहारों के अवसर पर पटाखे फोड़ने के लिये रात आठ बजे से दस बजे की समय सीमा निर्धारित करते हुये देशभर में कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले हरित पटाखे बनाने की अनुमति दे दी थी.
न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने फ्लिपकार्ट और एमेजन जैसी ई-व्यापारिक वेबसाइटों को उन पटाखों की बिक्री करने से रोक दिया है जो निर्धारित सीमा से अधिक शोर करते हैं. शीर्ष अदालत ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से, देश में पटाखों के निर्माण और उनकी बिक्री पर प्रतिबंध के लिये दायर याचिका पर यह आदेश दिया. पीठ ने कहा कि यदि ये वेबसाइटें न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करेंगी तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.
साथ ही पीठ ने कहा, ‘निर्धारित सीमा के भीतर ही शोर करने वाले पटाखों की बाजार में बिक्री की अनुमति होगी.’ न्यायालय ने केन्द्र से कहा कि वह दिवाली और दूसरे त्यौहारों के अवसर पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सामुदायिक तरीके से पटाखे फोड़ने को प्रोत्साहन दे.
कड़ा रूख जाहिर करते हुए न्यायालय ने कहा कि प्रतिबंधित पटाखे फोड़े जाने की स्थिति में संबंधित इलाके के थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे.





शीर्ष अदालत ने इससे पहले कहा था कि पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में इनके निर्माताओं की आजीविका के मौलिक अधिकारों और देश की सवा सौ करोड़ से अधिक आबादी के स्वास्थ्य के अधिकारों सहित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना होगा.
यह भी शीर्ष अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त जीने का अधिकार सभी पक्षों पर समान रूप से लागू होता है और पटाखों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने के अनुरोध पर विचार करते समय इसमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है.
शीर्ष अदालत ने पिछले साल नौ अक्टूबर को दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया था परंतु बाद में न्यायालय ने कारोबारियों की याचिका खारिज करते हुये 19 अक्टूबर, 2017 के अपने आदेश में किसी प्रकार की ढील देने से इनकार कर दिया था.

Friday, October 26, 2018

डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है इस्‍तेमाल करके देखें



डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है इस्‍तेमाल करके देखें

इसे सलाद में खाएं या सूप में इस्‍तेमाल करें, गाजर ने हमेशा से हमारा दिल जीता है. गाजर 
बीटा कैरोटीन और लाइकोपीन में समृद्ध होती है. ये आंखों की दृष्टि को बढ़ावा देने के लिए 
उत्कृष्ट स्रोत हैं. गाजर फाइबर से युक्‍त होती है, जो पाचन और वजन घटाने में मदद करती 
हैं. डीके पब्लिशिंग हाउस की किताब 'हीलिंग फूड्स', के मुताबिक गाजर में सिलिकॉन होता 
है, जो स्वस्थ त्वचा और नाखूनों को बढ़ावा देती है. इतना ही नहीं हाल ही में इस बात का पता 
चला है कि गाजर ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकती है. मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें
शरीर के ब्‍लड ग्लूकोज का लेवल असामान्य रूप से हाई होता है. यह बार-बार जोर दिया गया है
कि आपकी डाइट मधुमेह प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसे और भी खराब
होने से रोक सकती है.


















गाजर में लो जीआई वेल्‍यू होती है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) रक्त ग्लूकोज 
के स्तर को प्रभावित करने के तरीके के अनुसार खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की 
एक सापेक्ष रैंकिंग है. मधुमेह रोगियों को उन खाद्य पदार्थों की सलाह दी जाती है 
जिनमें कम जीआई वेल्‍यू होती है. गाजर का स्‍वाद स्वाभाविक रूप से मीठा होता 
है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको गाजर से दूर रहने की आवश्यकता
है. फाइबर से समृद्ध यह सब्‍जी सुनिश्चित करती है कि आपका ब्‍लड शूगर का लेवल
स्थिर रहे. फाइबर को पचाने में सबसे ज्‍यादा समय लगता है, इससे इस बात का पता 
लगता है कि आपका शरीर तुरंत सभी फाइबर का उपयोग नहीं करता है. चूंकि ये टूटने 
में इतना लम्‍बा समय ले लेते हैं, इसलिए ब्‍लड शूगर के लेवल में वृद्धि नहीं होती है. यह 
भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि गाजर में कैलोरी भी बहुत कम होती है. गाजर में केवल 
41 कैलोरी होती है. मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में कैलोरी को लेकर बहुत सावधान 
रहना चाहिए. मधुमेह के वजन बढ़ने का कारण बनता है

.










जर्नल ह्यूमन जेनेटिक्स में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि कॉमन 
जेनेटिक भिन्नता वाले लोगों में बीटा कैरोटीन के हाई ब्‍लड शूगर लेवल, जो 
शरीर में विटामिन ए के रूप में परिवर्तित होता है, टाइप -2 मधुमेह के जोखिम
को कम कर सकता है.

मधुमेह प्रबंधन का सबसे बड़ा हिस्सा यह है कि आप भोजन किस तरह ले रहे हैं.
हममें से ज्यादातर लोग गाजर की बहुमुखी प्रतिभा के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं. 
गाजर को ताजा और कच्चा खाना सबसे अच्छा ऑप्‍शन है, इससे आप इसके अधिकांश 
फाइबर का उपभोग कर पाते हैं. गाजर को आप सलाद और सूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

http://www.winneronetrading.com/89374//HNPdQ/?sc=1&sc=1&l=1&ppy=5756634&i=5756634